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वायरल बुखार से बचाव के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे

वायरल बुखार से बचाव के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे

बदलते मौसम में अक्सर बिमारियों का खतरा रहता है। रोग-प्रतिरोधक के कमी से हम जल्द बीमार हो जाते हैं। आज कल देशभर में वायरल बुखार के मामले तेजी से आ रहें है। ज्यादा बारिश फिर धूप से बरसात के मौसम में वायरल संक्रमण से वायरल फीवर हो जाता है। वायरल संक्रमण ऐसे छोटे जीवों यानी वायरस की वजह से होता है, जो हमारे शरीर की कोशिकाओं में घुसकर खुद की संख्या बढ़ाते हैं। ये संक्रमण अक्सर सांस और पाचन से जुड़ी बीमारियाँ जैसे सर्दी, खांसी, या पेट दर्द का कारण बनते हैं, लेकिन वायरस शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में हमें सतर्क रहना है। आज हम जानेंगे कि वायरल बुखार का क्या है घरेलू उपाय ? जिसमें आपको बिना दवा के ही राहत मिल सकती है।


वायरल बुखार के क्या है लक्षण

 

  • वायरल बुखार में शरीर का तापमान 100°F से ऊपर चला जाता है। बुखार में कंपकंपी या ठंड लगना भी सामान्य है।
  • आराम करने के बाद भी शरीर थका-थका सा और कमजोर महसूस करता है।
  • शरीर के मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द महसूस हो सकता है, जो कभी-कभी बहुत असहनीय हो जाता है।
  • बुखार होने पर हल्का या तेज सिरदर्द, जो दिनभर बना रह सकता है और काम करने में बाधा डालता है।
  • वायरल बुखार में नाक और गले की समस्या हो जाती है। खराश, नाक बहना या बंद होना और हल्की खांसी जैसे लक्षण सामान्य हैं।

 

वायरल बुखार के घरेलू नुस्खे जिससे मिले राहत 

 

जकड़न से राहत के लिए भाप लें


अगर आपको अभी भी घुटन महसूस हो रही है, तो भाप लेना बहुत राहत दे सकता है। थोड़ा पानी उबालें, उसमें यूकेलिप्टस या पेपरमिंट तेल की कुछ बूँदें डालें और भाप अंदर लें। इससे आपकी नाक के रास्ते खुल जाते हैं और साँस लेना आसान हो जाता है।

 

बुखार में घरेलू हर्बल चाय कारगर

 

वायरल बुखार खाने की इच्छा को कम कर देता है, और खाने को देखते ही हमें मिचली आने लगती है। ऐसे में हर्बल चाय बहुत बढ़िया होती है। ये विभिन्न स्वादों में उपलब्ध हैं। भारतीय किचन में अदरक आसानी से मिल जाता है। सर्दियों के मौसम में ये इम्यूनिटी बूस्ट करने में मदद करता है। सर्दी, जुखाम या खांसी में अदरक की चाय पी सकते हैं। या फिर आर इसका काढ़ा भी बना सकते हैं। इसी के साथ अदरक के रस को गर्म करें और इसमें शहद मिलाकर पीएं। उदाहरण के लिए, अदरक की चाय न केवल आपके गले को आराम देती है, बल्कि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बेहतर बनाती है।

 

तुलसी का काढ़ा


तुलसी की चाय भी एक बेहतरीन विकल्प है। इसके औषधीय गुण कई परेशानियों से छुटकारा दिला सकते हैं। जिसमें एंटीवायरल गुण होते हैं जो बुखार से सीधे तौर पर निपटते हैं। इसी के साथ इसके पत्तों को आप यूं ही धोकर के साथ ले सकते हैं। चाहें तो चाय और काढ़ा में इसे मिलाएं। आपके लक्षणों को नियंत्रित करने और आपको थोड़ा आराम देने में मदद मिल सकती है।

 

रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए शहद और सूप पिएं


जब हमारी इम्यून सिस्टम करमजोर हो जाती है तब हम बदलते मौसम से जल्द प्रभावित होते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करने के लिए गुनगुने पानी में शहद घोलकर पिएं। शहद एक प्राकृतिक खांसी निवारक है। दिन में तीन बार पिएं। ऐसे ही सब्जियों का सूप बनाएं और गरम गरम दो बार पिएं।

 

हाईड्रेड रहने की कोशिश करें


जब आप बुखार से जूझ रहे हों, तो खूब सारे तरल पदार्थ पीने से आपके शरीर को लड़ने की ताकत मिलती है। पानी, नारियल पानी और सुखदायक शोरबा न सिर्फ़ आराम देते हैं; ये आपको हाइड्रेटेड भी रखते हैं, जिससे आपका तापमान कम करने में मदद मिल सकती है। अगर आप पसीने के ज़रिए बहुत सारा तरल पदार्थ खो रहे हैं, तो ये पेय सामान्य स्थिति में वापस आने के लिए संजीवनी साबित हो सकते हैं। ओआरएस एक और अच्छा उपाय है।

 

आराम करें औरअच्छी नींद लें


आराम की ताकत को कभी कम मत आँकिए। जब आप बीमार होते हैं, तो आपका शरीर नींद की चाहत रखता है - यह वायरल संक्रमणों के खिलाफ एक बहुत ही महत्वपूर्ण लेकिन गुप्त हथियार है। अपने कमरे को एक आरामदायक आश्रय बनाएँ, उसे अंधेरा और शांत रखें, और अपने शरीर को अपना काम करने दें। अच्छी नींद आपके ठीक होने की गति को तेज़ कर सकती है।

 

हल्दी वाला दूध इसके उपचार गुणों के लिए


हल्दी वाला दूध एक सुखदायक औषधि है जिसमें उपचारात्मक गुण होते हैं। हल्दी सूजनरोधी होती है और वायरल बुखार से होने वाली परेशानी को कम करने में मदद कर सकती है। बस थोड़ा सा दूध गर्म करें, उसमें एक छोटी चम्मच हल्दी और एक चुटकी काली मिर्च मिलाएँ और सोने से पहले धीरे-धीरे घूँट-घूँट करके इसके फायदे पाएँ।

 

बुखार ज्यादा होने पर ठंडी पट्टी करें


अगर आपका बुखार बढ़ रहा है, तो ठंडी सिकाई मददगार हो सकती है। यह आसान है - माथे पर एक ठंडा, नम कपड़ा रखने से आपके शरीर का तापमान कम हो सकता है। यह एक पुराना तरीका है, लेकिन इसके पीछे एक वजह है। जब आपका शरीर गर्म होता है, तो यह आपको बेहतर महसूस कराने में अद्भुत काम करता है।

 

 

अगर बुखार 3-4 दिन से ज्यादा बना रहे, शरीर का तापमान 100°F ज्यादा हो, और सांस लेने में कठिनाई, तेज सिरदर्द या उल्टी जैसी समस्याएं हों तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए। वायरल बुखार से बचना मुश्किल नहीं है, बस सतर्क रहना जरूरी है।

 

ऐसी ही जानकारी के लिए विजिट करें: The India Moves

 

 

 

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