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कोई स्थायी दोस्त-दुश्मन नहीं’, ट्रंप टैरिफ विवाद पर बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

कोई स्थायी दोस्त-दुश्मन नहीं’, ट्रंप टैरिफ विवाद पर बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने Defence Summit 2025 में देश की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और बदलते वैश्विक परिदृश्य पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि 2014 में भारत का रक्षा निर्यात मात्र ₹700 करोड़ था, जबकि आज यह बढ़कर लगभग ₹24,000 करोड़ तक पहुँच चुका है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि भारत अब केवल रक्षा उत्पादों का खरीदार नहीं, बल्कि एक उत्पादक और निर्यातक के रूप में भी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

 

बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत की प्राथमिकताएं

रक्षा मंत्री ने कहा कि आज की दुनिया बेहद तेज़ी से बदल रही है। हर दिन नई चुनौतियाँ सामने आती हैं, चाहे वह महामारी हो, आतंकवाद हो या क्षेत्रीय संघर्ष। इस सदी को अब तक की सबसे अस्थिर और चुनौतीपूर्ण सदी बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखना होगा। इसी संदर्भ में उनका राजनाथ सिंह टैरिफ विवाद बयान भी खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह अमेरिका के साथ चल रहे व्यापारिक तनाव की पृष्ठभूमि में आया है।

 

आत्मनिर्भरता: विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता

राजनाथ सिंह ने स्पष्ट कहा कि आत्मनिर्भरता अब सिर्फ एक लाभ नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व और प्रगति के लिए आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “पहले आत्मनिर्भरता को विशेषाधिकार माना जाता था, लेकिन अब यह हमारी प्राथमिकता और आवश्यकता बन चुकी है।” रक्षा मंत्री ने दोहराया कि भारत किसी को दुश्मन नहीं मानता, लेकिन किसानों और उद्यमियों के हित उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं।

 

इसी दौरान उन्होंने एक और अहम टिप्पणी की। अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भारत को किसी भी परिस्थिति में अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करनी होगी। यही कारण है कि उनका राजनाथ सिंह का ट्रंप पर बयान भारत की विदेश और व्यापार नीति की गंभीरता को दर्शाता है।

 

रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी ताकत

रक्षा मंत्री ने बताया कि स्वदेशी उपकरणों की मदद से भारतीय सेना ने लक्ष्यों पर सटीक हमले किए हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि किसी मिशन की सफलता के लिए दूरदर्शिता, लंबी तैयारी और समन्वय अनिवार्य है। उन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” का उदाहरण देते हुए कहा कि यह केवल कुछ दिनों का अभियान नहीं था, बल्कि इसके पीछे वर्षों की रणनीतिक योजना और रक्षा तैयारियों का इतिहास छिपा था।

 

उन्होंने कहा, “जैसे एक खिलाड़ी कुछ सेकंड में जीत हासिल करता है, लेकिन इसके पीछे महीनों और वर्षों की मेहनत होती है, उसी तरह हमारे बलों ने भी स्वदेशी उपकरणों और रणनीतिक तैयारी के बल पर प्रभावी कार्रवाई की।”

 

भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के बढ़ते रक्षा निर्यात और आत्मनिर्भरता की नीति का सीधा असर भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्तों पर पड़ेगा। India US Trade Relations 2025 पहले से ही टैरिफ विवादों और नए व्यापारिक समझौतों की वजह से चर्चा में हैं। राजनाथ सिंह के बयानों से यह साफ है कि भारत अब आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

 

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित 50% टैरिफ के बीच रक्षा मंत्री का बयान और भी प्रासंगिक हो जाता है। यही कारण है कि India US Trade Relations 2025 में आने वाले महीनों में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। इस संदर्भ में बार-बार दोहराया जा रहा राजनाथ सिंह टैरिफ विवाद बयान और राजनाथ सिंह का ट्रंप पर बयान भारत की रणनीतिक स्थिति और उसके आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा तय करेंगे।


भारत ने बहुत कम समय में रक्षा निर्यात के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 2014 में जहां यह ₹700 करोड़ से भी कम था, वहीं आज लगभग ₹24,000 करोड़ तक पहुँच चुका है। यह सफलता आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का प्रत्यक्ष प्रमाण है। बदलते वैश्विक परिदृश्य, अमेरिका के साथ टैरिफ विवाद और India US Trade Relations 2025 की जटिलताओं के बीच राजनाथ सिंह का यह संदेश भारत की प्राथमिकताओं और उसकी दीर्घकालिक रणनीति को स्पष्ट करता है।

 

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Frequently Asked Questions

 

Q1. ट्रंप टैरिफ विवाद क्या है?
Ans. डोनाल्ड ट्रंप ने 2025 में भारत से आयात होने वाले सामान पर 50% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया, जिससे भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में तनाव बढ़ा।

 

Q2. राजनाथ सिंह ने ट्रंप टैरिफ विवाद पर क्या बयान दिया?
Ans. रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत किसी को दुश्मन नहीं मानता, लेकिन किसानों और उद्यमियों के हित सर्वोपरि हैं। यह राजनाथ सिंह का ट्रंप पर बयान राष्ट्रीय हितों की रक्षा पर केंद्रित था।

 

Q3. राजनाथ सिंह के ‘कोई स्थायी दोस्त-दुश्मन नहीं’ बयान का क्या मतलब है?
Ans. इसका अर्थ है कि अंतरराष्ट्रीय संबंध परिस्थितियों के अनुसार बदलते हैं। देशों के बीच स्थायी मित्रता या दुश्मनी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।

 

Q4. India-US Trade Relations पर टैरिफ विवाद का क्या असर पड़ा है?
Ans. इस विवाद से India US Trade Relations 2025 में अनिश्चितता और तनाव बढ़ा है, जिससे दोनों देशों के बीच समझौते और वार्ता प्रभावित हुई हैं।

 

Q5. क्या भारत और अमेरिका के बीच व्यापार विवाद सुलझ सकता है?
Ans. हाँ, बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों से इस विवाद का समाधान संभव है। दोनों देश एक-दूसरे के लिए रणनीतिक साझेदार बने रहना चाहते हैं।

 

Q6. मोदी सरकार की अमेरिका को लेकर क्या व्यापार नीति है?
Ans.मोदी सरकार आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देते हुए अमेरिका के साथ संतुलित और पारस्परिक हितों पर आधारित व्यापार नीति अपनाना चाहती है।

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