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टैरिफ वॉर के बीच भारत-अमेरिका का बड़ा फैसला,,कई अरबों की डिफेंस डील पर मुहर– IAF को मिलेगी ताकत

टैरिफ वॉर के बीच भारत-अमेरिका का बड़ा फैसला,,कई अरबों की डिफेंस डील पर मुहर– IAF को मिलेगी ताकत

भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों में टैरिफ वॉर भले ही तेज़ हो गया हो, लेकिन इसके बीच भी कई अरबों की डिफेंस डील लगभग फाइनल हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, सितंबर 2025 तक भारत-अमेरिका डिफेंस डील पर आधिकारिक मुहर लग सकती है। इस समझौते के तहत भारत 97 एलसीए मार्क 1ए तेजस विमानों के लिए 113 GE-404 इंजन खरीदेगा। इसकी कीमत करीब 1 अरब डॉलर (87 अरब रुपये से ज्यादा) बताई जा रही है।

 

टैरिफ वॉर भारत-अमेरिका के बीच जारी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लागू किया है, लेकिन इसके बावजूद मोदी सरकार ने ये बड़ा फैसला लिया है। असल वजह है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को तेजस लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट के लिए इंजन की सप्लाई लगातार मिलती रहे। इस डील से IAF को ताकत मिलने वाली है और वायुसेना की शक्ति कई गुना बढ़ेगी।

 

जानकारी के मुताबिक, 113 इंजनों की डिलीवरी 2033-34 तक पूरी होगी। इससे पहले 83 तेजस विमानों के लिए 99 इंजन खरीद का कॉन्ट्रैक्ट पहले ही हो चुका है। अब ये नया सौदा HAL के उत्पादन टारगेट को समय पर पूरा करने में मदद करेगा। अमेरिकी कंपनी GE हर महीने भारत को 2 इंजन देगी। यही वजह है कि इस India US Defense Deal 2025 को ऐतिहासिक माना जा रहा है।

 

रक्षा सूत्रों का कहना है कि HAL और GE के बीच एक अलग समझौता भी लगभग तय है, जिसमें GE-414 इंजन खरीदे जाएंगे और 80% तक तकनीक ट्रांसफर होगा। इसकी कीमत 1.5 अरब डॉलर होगी। ये डील भारत के भविष्य के एलसीए मार्क 2 और AMCA प्रोग्राम को मजबूती देगी। ऐसे में साफ है कि यह सिर्फ एक India US Relations Defense समझौता नहीं बल्कि भारत की आत्मनिर्भर रक्षा नीति की बड़ी सफलता है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि इस डिफेंस डील से IAF को ताकत मिलेगी और साथ ही भारत को वैश्विक रक्षा बाज़ार में नई पहचान मिलेगी। मोदी सरकार का ये कदम दिखाता है कि Modi US Defense Agreement सिर्फ कूटनीति का हिस्सा नहीं बल्कि भारत की सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा है।

 

ऐसी ही जानकारी के लिए विजिट करे: The India Moves

 

 Frequently Asked Questions 

 

Q1. भारत-अमेरिका की अरबों की डिफेंस डील में क्या-क्या शामिल है?
Ans. 97 तेजस मार्क 1A लड़ाकू विमानों के लिए 113 GE-404 इंजन की खरीद।

 

Q2. इस डिफेंस डील से भारतीय वायुसेना (IAF) को कैसे फायदा होगा?
Ans. इंजन की समय पर सप्लाई से तेजस प्रोजेक्ट समय पर पूरे होंगे और IAF की ताकत दोगुनी होगी।

 

Q3. टैरिफ वॉर के बावजूद भारत और अमेरिका ने डील क्यों साइन की?
Ans. क्योंकि HAL के लिए लगातार इंजन की आपूर्ति बेहद ज़रूरी है, ताकि उत्पादन प्रभावित न हो।

 

Q4. भारत-अमेरिका डिफेंस डील 2025 का भारत की सुरक्षा पर क्या असर होगा?
Ans. भारतीय वायुसेना को आधुनिक ताकत मिलेगी और रक्षा क्षमता और मजबूत होगी।

 

Q5. क्या यह डिफेंस डील भारत को वैश्विक रक्षा बाजार में और मजबूत बनाएगी?
Ans. हां, इस डील और तकनीकी हस्तांतरण से भारत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा।

 

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