Dark Mode
  • day 00 month 0000
वक्फ बिल पर राहुल गांधी सरकार पर क्यों भड़के?

वक्फ बिल पर राहुल गांधी सरकार पर क्यों भड़के?

 

राहुल गांधी ने वक्फ संशोधन बिल को लेकर मोदी सरकार पर किये तीखे वार

 

ऐसा नहीं है कि वक्फ बोर्ड संशोधन अधिनियम का विरोध कांग्रेस ने नहीं किया। कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों में विधेयक के विरोध में वोटिंग की। कांग्रेस के कई मुस्लिम सांसदों ने तो अपने जुबानी जंग से सरकार को मुसलमानों का विरोधी करार दे दिया, खुद को धर्मनिरपेक्ष कहने वाले दलों ने जब पूरी ताकत से संसद में विरोध किया, पर गांधी परिवार ने अपना मुंह बंद कर लिया था। इमरान प्रतापगढ़ी का स्पीच भी तेजी से वायरल हो गया है, जिसमें कहा कि "हम ही को कातिल कहेगी दुनिया, हमारा ही कत्लेआम होगा, हम ही कुआँ खोदते फिरेंगे, हम ही पे पानी हराम होगा।" पर कांग्रेस के बड़े नेता इस संबंध में अपना मुंह संसद में नहीं खोले। वक्फ बोर्ड संशोधन अधिनियम पर बोलते हुए कांग्रेस की एक बैठक में सोनिया गांधी ने कहा कि सरकार ने जबरन यह बिल पास कराया है।

अब राहुल गांधी ने वक्फ बिल को लेकर मोदी सरकार (PM Modi) पर तीखे वार किए और कहा कि वक्फ संशोधन कानून अभी तो मुसलमानों को निशाना बना रहा है, लेकिन भविष्य में दूसरे समुदायों को भी प्रभावित कर सकता है।

 

मुसलमानों के खिलाफ


वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों से पास कर दिया गया है। इस बिल को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाए और जोरदार आलोचना की है। उनका कहना है कि यह कानून मुसलमानों के खिलाफ है और संविधान का उल्लंघन करता है। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी चुप्पी तोड़ते हुए मोदी सरकार पर हमला बोल दिया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पहले ट्वीट करते हुए लिखा कि यह कानून अभी तो मुसलमानों को निशाना बना रहा है, लेकिन भविष्य में बाकी समुदायों को भी प्रभावित कर सकता है।


RSS का ईसाई समुदाय पर ध्यान

 

वक्फ बिल पर राहुल गांधी सरकार पर क्यों भड़के?


राहुल गांधी ने अपने ट्विटर हैंडिल पोस्ट पर लिखा, "मैंने पहले ही कहा था कि वक्फ बिल सिर्फ मुसलमानों को नहीं, बल्कि बाकी धर्मों को भी निशाना बनाने का रास्ता बना सकता है। अब आरएसएस (RSS) ने ईसाई समुदाय पर भी ध्यान देना शुरू कर दिया है। ऐसे समय में देश का संविधान ही है, जिसका हम सहारा ले सकते हैं और उसे बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।" राहुल गांधी ने इससे पहले भी ट्विटर पर पोस्ट कर विधेयक को मुसलमानों को कमजोर करने वाला बिल बताया है। मुसलमानों की वक्फ संपत्ति और धार्मिक स्वतंत्रता छीनने की कोशिश है। धार्मिक आजादी के अधिकार अनुच्छेद 25 के अनुसार यह संविधान मुसलमानों पर सीधा हमला है।

वोट बैंक राजनीति की शुरुआत राहुल गांधी ने भी शुरू कर दी है। अब मुसलमानों की बातें करते-करते दूसरे समुदायों के भविष्य पर चिंतित दिख रहे हैं। अब यह सरकार पर हमला है या वाकई में देश के संविधान को बचाने की बात कर रहे हैं।


फ़िलहाल देश की सरकार का मानना है कि इस विधेयक के लागू होने गरीब और पिछड़े लोगों को न्याय मिल सकेगा और उनका हक भी उनसे नहीं छीना जाएगा।

Comment / Reply From

Vote / Poll

क्या राजस्थान मे बेरोजगारी का मुद्दा खत्म हो चुका है ..

View Results
Yes
10%
No
90%

Talk to us?