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जाने तुलसी माता के धार्मिक और आयुर्वेदिक महत्व

जाने तुलसी माता के धार्मिक और आयुर्वेदिक महत्व

भारत में तुलसी को सिर्फ एक पेड़ नहीं माना जाता बल्कि हिंदू धर्म में तुलसी को देवी का रूप माना जाता है। प्राचीन काल में एक कन्या थी। उसका नाम वृंदा था। वह राक्षस कुल में पैदा हुई थी। वृंदा बचपन से ही भगवान विष्णु की परम भक्त थी। वह बड़े प्रेम से भगवान की पूजा करती थी। बड़ी होने पर उसका विवाह राक्षस कुल के दैत्य राजा जालंधर से हो गया, जालंधर समुद्र से उत्पन्न हुआ था। वृंदा बहुत ही पतिव्रता स्त्री थी और सदैव अपने पति की सेवा करती थी। एक बार देवताओं और दैत्यों में युद्ध हुआ। जब जालंधर युद्ध पर जाने वाला था तो वृंदा ने कहा- स्वामी आप युद्ध पर जा रहे हैं। जब तक आप युद्ध में रहेंगे मैं आपकी जीत के लिए पूजा में बैठकर अनुष्ठान करूंगी और जब तक आप वापस नहीं आ जाते मैं अपना संकल्प नहीं छोड़ूंगी। जालंधर युद्ध पर चला गया और वृंदा व्रत का संकल्प लेकर पूजा में बैठ गई भगवान ने कहा कि वृंदा मेरी परम भक्त है और मैं उसके साथ छल नहीं कर सकता। लेकिन देवताओं ने कहा - भगवान, कोई दूसरा रास्ता नहीं है, अब आप ही हमारी सहायता कर सकते हैं।

 

भगवान ने जलंधर का रूप धारण किया और वृंदा के महल में पहुंच गए। वृंदा ने जैसे ही अपने पति को देखा, वह तुरंत पूजा से उठ गई और उनके चरण छू लिए। जैसे ही उसका संकल्प टूटा, देवताओं ने युद्ध में जलंधर को मार डाला और उसका सिर काट दिया। उसका सिर वृंदा के महल में गिर गया। जब वृंदा ने देखा कि मेरे पति का सिर कटा हुआ है, तो ये मेरे सामने कौन खड़ा है?

 

उसने पूछा - आप कौन हैं जिसे मैंने छुआ, तब भगवान अपने रूप में आए लेकिन वे कुछ नहीं बोल सके, वृंदा सब कुछ समझ गई। उसने भगवान को श्राप दिया कि आप पत्थर के हो जाओ, भगवान तुरंत पत्थर के हो गए। सभी देवता विलाप करने लगे। लक्ष्मी जी रोने लगीं और प्रार्थना करने लगीं, तब वृंदा जी ने भगवान के श्राप को मुक्त कर दिया और वे अपने पति का सिर लेकर सती हो गईं। उसकी राख से एक पौधा निकला, तब भगवान विष्णु जी ने कहा- आज से इसका नाम तुलसी है और मेरा एक रूप इस पत्थर के रूप में रहेगा जिसे शालिग्राम के नाम से तुलसी जी के साथ पूजा जाएगा और मैं तुलसी जी के बिना प्रसाद स्वीकार नहीं करूंगा।

 

तुलसी माता का न केवल धार्मिक महत्व है बल्कि आयुर्वेद में भी इसका बहुत महत्व है। आयुर्वेद में तुलसी को कई बीमारियों को ठीक करने वाली जड़ी-बूटी भी कहा गया है, तो क्या आपके मन में यह सवाल उठता है कि इसमें ऐसा क्या खास है? यह पौधा धार्मिक दृष्टि से तो खास है ही, लेकिन यह स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने का भी काम करता है।

 

तनाव से राहत दिलाता है

तुलसी का पौधा आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा साबित हो सकता है। आपको बता दें कि अगर आप दिन की शुरुआत से पहले या पूरे दिन की थकान के बाद इसके पत्तों का काढ़े के रूप में इस्तेमाल करते हैं तो इससे थकान दूर होती है और शरीर काफी रिलैक्स हो जाता है।

 

हवा को शुद्ध करता है

आपको बता दें कि तुलसी का पौधा 18-24 घंटे ऑक्सीजन देने वाले पौधों में से एक है। ऐसे में प्रदूषित हवा को शुद्ध करने और उसे प्राकृतिक रूप से शुद्ध करने में इसकी बड़ी भूमिका होती है. यह कार्बन डाइऑक्साइड, मोनोऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसों को सोखने में भी काफी कारगर है. बीमारियों से बचाता है घर में तुलसी का पौधा रखने और उसका इस्तेमाल करने से आप कई मौसमी बीमारियों के खतरे को कम कर सकते हैं. यह गले, त्वचा या शरीर के अन्य हिस्सों में होने वाले संक्रमण से भी राहत दिलाने का काम करता है.

 

कीड़ों मकोड़ो को दूर भगाती है

कई औषधीय गुणों से भरपूर होने के साथ-साथ यह पौधा घर से कीड़ों को दूर भगाने में भी काफी कारगर है. इसके लिए आप इसकी पत्तियों को पानी के साथ पीसकर घर के हर कोने में स्प्रे कर सकते हैं. इससे मच्छरों और मक्खियों की समस्या भी दूर होती है. इसके अलावा अगर आप लकड़ी में लगे कीड़ों से छुटकारा पाना चाहते हैं तो तुलसी के पत्तों को कपूर के साथ पीसकर उसमें नीम का तेल मिलाकर स्प्रे तैयार कर सकते हैं.

 

सर्दी-जुकाम में फायदेमंद

तुलसी के पत्तों में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. ऐसे में रोजाना सुबह खाली पेट तुलसी का एक पत्ता खाने से सर्दी-जुकाम की समस्या से राहत मिल सकती है.

 

पाचन के लिए फायदेमंद

अगर आप पाचन संबंधी समस्याओं से परेशान हैं तो तुलसी के पत्ते आपके लिए मददगार साबित होंगे। रोजाना खाली पेट तुलसी के पत्ते चबाने से एसिडिटी और पेट में जलन की समस्या से राहत मिलती है। यह शरीर के पीएच लेवल को बनाए रखने में भी मददगार है।

 

सांसों की बदबू को दूर करता है

अक्सर मुंह से जुड़ी कई समस्याओं के कारण कई लोगों के मुंह से बदबू आने लगती है। ऐसे में रोज सुबह तुलसी के पत्तों का सेवन करने से मुंह में मौजूद बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं जिससे सांसों की बदबू की समस्या भी दूर हो जाती है।

 

तनाव में फायदेमंद

शारीरिक समस्याओं से छुटकारा दिलाने के साथ ही मानसिक समस्याओं में भी तुलसी के पत्ते काफी कारगर हैं। कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि तुलसी के पत्तों में मौजूद एडाप्टोजेन तनाव को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह नर्वस सिस्टम को भी आराम पहुंचाता है और रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है। ऐसे में तनाव और सिरदर्द की समस्या से छुटकारा पाने के लिए रोज सुबह खाली पेट 2-3 तुलसी के पत्ते खाना फायदेमंद रहेगा।

 

इम्यूनिटी बढ़ाए

अगर आप अपनी इम्युनिटी को मजबूत बनाना चाहते हैं तो इसके लिए भी आप तुलसी का सेवन कर सकते हैं

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